जिला अस्पताल छीना, सरकारी अस्पताल को बना दिया रेफर सेंटर : ठुकराल

रुद्रपुर।(राजतंत्र टाइम्स)।  रुद्रपुर राजकीय चिकित्सालय से जिला चिकित्सालय का दर्जा हटाए जाने और अस्पताल में लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाओं को लेकर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने मोर्चा खोल दिया है। ठुकराल के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार गोस्वामी से मुलाकात कर सरकारी अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई और मरीजों की समस्याओं से अवगत कराया।ठुकराल ने कहा कि जिला मुख्यालय रुद्रपुर के सरकारी चिकित्सालय से जिला चिकित्सालय का दर्जा हटाकर खटीमा को जिला चिकित्सालय का दर्जा दिया जाना रुद्रपुर की जनता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों और आवश्यक सुविधाओं के अभाव में अस्पताल की स्थिति ऐसी हो गई है कि मरीजों को समुचित उपचार देने के बजाय दूसरे अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। सरकारी अस्पताल पर इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचने वाला गरीब मरीज आखिर जाए तो जाए कहां।उन्होंने कहा कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन होने के बावजूद रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक और तकनीकी स्टाफ की व्यवस्था नहीं है। इसके चलते मशीन का अपेक्षित लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। स्थायी फिजिशियन और चेस्ट रोग विशेषज्ञ की कमी के कारण भी मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं आवश्यक दवाओं की उपलब्धता को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए ठुकराल ने आरोप लगाया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों और पर्याप्त उपचार सुविधाओं के अभाव में रुद्रपुर का सरकारी चिकित्सालय इलाज के केंद्र के बजाय रेफर सेंटर बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि लाखों-करोड़ों रुपये के उपकरण अस्पताल में पड़े हैं, लेकिन विशेषज्ञ और तकनीकी स्टाफ के अभाव में उनका पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।पूर्व विधायक ने जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जनता से जुड़े इतने महत्वपूर्ण मुद्दे के बावजूद सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के बजाय व्यवस्थाएं कमजोर होती दिखाई दे रही हैं, जिसका खामियाजा आम जनता और विशेषकर गरीब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
ठुकराल ने रुद्रपुर राजकीय मेडिकल कॉलेज को लेकर भी नाराजगी जताई उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में अभी तक एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू नहीं हो पाना क्षेत्र के लिए गंभीर विषय है। उनका कहना था कि यदि मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाएं पूरी तरह शुरू होतीं तो स्थानीय विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकते थे और क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलती उन्होंने सीएमओ के समक्ष अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती, अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू कराने, आवश्यक तकनीकी स्टाफ उपलब्ध कराने, पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने और मेडिकल कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों को गति देने की मांग रखी।शिष्टमंडल में ललित सिंह बिष्ट, आनंद शर्मा, सुनील चुग, रामकुमार गुप्ता, केरू मंडल, सुखवंत सिंह विर्क सहित अन्य लोग मौजूद रहे।