खटीमा-नानकमत्ता में धर्मांतरण साजिश का पर्दाफाश, पुलिस ने चार आरोपितों को किया गिरफ्तार

Share Now

रुद्रपुर। (राजतंत्र टाइम्स) ऊधम सिंह नगर के सीमांत क्षेत्र में थारू समाज और गरीबों को धन का लालच और धमकी के दम पर मतांतरण कराने की साज़िश को ऊधम सिंह नगर पुलिस ने नाकाम कर दिया।यहीं नहीं चार आरोपित पुलिस के हत्थे भी चढ़ गए। पुलिस के हाथ मतांतरण करने के प्रयास के सबूत भी लगे हैं।पुलिस हर एंगल पर जांच में जुटी है।


एसएसपी अजय गणपति ने आज एसएसपी कार्यालय में मामले का पर्दाफाश करते हुए बताया कि खटीमा और नानकमत्ता क्षेत्र में गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आरोपित निशाना बनाते थे।


थारू समाज एवं गरीब परिवारों को पैसों, सहायता, इलाज और अन्य प्रलोभनों का लालच देकर मतांतरण कराया जा रहा था।
घर-घर जाकर लोगों को बहकाने तथा ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाने का भी आरोप है। बताया कि विशेष प्रार्थना सभाओं, धार्मिक किताबों और बैठकों के माध्यम से लोगों को प्रभावित किया जा रहा था।ईसाई धर्म न अपनाने पर आरोपित धमकी और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी देते थे। एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि 23 मई को निवलेश राणा पत्नी संदीप सिंह राणा निवासी ग्राम दियां थाना खटीमा जनपद ऊधम सिंह नगर ने कोतवाली खटीमा में तहरीर देकर बताया था कि उनके पति संदीप सिंह राणा, कमलजीत सिंह एवं दान सिंह राणा द्वारा उन्हें जबरन ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। विरोध करने पर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी तथा बच्चों को नुकसान पहुंचाने की चेतावनी दी जा रही थी। पुलिस ने उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में पंजीकृत कर ली।साथ ही जांच में पाया गया कि आरोपित दान सिंह राणा आम जनता विशेषकर थारू जनजाति एवं गरीब परिवारों को उनकी पारिवारिक परेशानियां दूर करने, बीमारी ठीक कराने तथा आर्थिक सहायता दिलाने का लालच देता था। आरोपितों ने लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के एवज में प्रतिमाह 6000/- तथा एकमुश्त दो लाख रुपये देने का प्रलोभन दिया जाता था। लोगों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि ईसाई धर्म अपनाने के बाद उनकी बीमारी, पारिवारिक समस्याएं एवं आर्थिक परेशानियां समाप्त हो जाएंगी। बताया कि 10 मई को रामपाल पुत्र स्व. नत्थू लाल निवासी वार्ड 20 मुण्डेली थाना खटीमा ने भी कोतवाली खटीमा में शिकायत दर्ज कराकर कहा था कि जय सिंह राणा, द्रौपदी राणा एवं सुनील जार्ज पास्टर उर्फ सुनील जार्ज मसीह द्वारा खटीमा क्षेत्र के थारू बाहुल्य गांवों एवं अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों को लगातार निशाना बनाया जा रहा था। आरोप है कि आरोपित लोगों को प्रार्थना सभाओं में बुलाते थे, हिन्दू धर्म के संबंध में भ्रामक एवं अपमानजनक बातें कहते थे तथा ईसाई धर्म की विशेषताएं बताकर लोगों को प्रभावित करते थे। आरोपितों ने ईसाई धर्म से संबंधित किताबें वितरित करते थे। लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक रूप से तैयार करते थे। विरोध करने या किसी अन्य व्यक्ति को जानकारी देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी जाती थी। इस संबंध में पुलिस ने बीएनएस एवं 3/5 उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में आरोपितों पर प्राथमिकी पंजीकृत कर ली थी।


एसएसपी गणपति ने बताया कि इस मामले में
पुलिस टीमों का गठन कर दिया गया था। पुलिस टीम ने दोनों मामलों में वांछित चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया। मामलों में नामजद अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम जुटी है।
आरोपित दान सिंह राणा के कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया।जिसमें धर्मांतरण से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। मोबाइल में प्रार्थना सभाओं की फोटो एवं वीडियो, लोगों को स्नान कराकर धर्म परिवर्तन कराने से संबंधित सामग्री, पैसों के लेनदेन के स्क्रीनशॉट, धर्मांतरण का लक्ष्य निर्धारित करने से संबंधित लेख तथा ऑडियो रिकॉर्डिंग प्राप्त हुई हैं। इसके अतिरिक्त वादिनी के पति संदीप सिंह को बच्चों के आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेजों सहित बुलाने से संबंधित बातचीत भी प्राप्त हुई है। आरोपित दान सिंह पुत्र चमन सिंह राणा निवासी मौहम्मदपुर भुडिया थाना खटीमा,जय सिंह पुत्र परशुराम राणा निवासी कुटरी चकरपुर थाना खटीमा, द्रौपदी राणा पत्नी जय सिंह राणा निवासी कुटरी चकरपुर थाना खटीमा,
और सुनील जार्ज पास्टर उर्फ सुनील जार्ज मसीह पुत्र तरसेम सिंह निवासी भूड महोलिया थाना खटीमा हैं। दान सिंह पर पहले कई मुकदमें दर्ज हैं।एसएसपी ने बताया कि पुलिस जनपद में कानून व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द एवं सभी वर्गों की सुरक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। किसी भी व्यक्ति द्वारा गरीब, असहाय एवं भोले-भाले लोगों को लालच, भय या दबाव के माध्यम से धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने का प्रयास किया गया तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक बिजेन्द्र साह, उपनिरीक्षक केसी. आर्या, अशोक काण्डपाल, विकास कुमार,कांस्टेबल मोहम्मद मोहसिन, नरेन्द्र लाल टम्टा, कमल पाल और मका. पूजा जोशी थीं।

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *