समेटी-उत्तराखण्ड द्वारा प्रशिक्षण ‘जैविक खेती-जैविक फसल एवं सब्जी उत्पादन तकनीक’ का आयोजन

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पंतनगर। (राजतंत्र टाइम्स) । संस्थान द्वारा ‘जैविक खेती- जैविक फसल एवं सब्जी उत्पादन तकनीक’ प्रशिक्षण का आयोजन 10 से 13 जून 2026 तक किया गया। उद्घाटन अवसर पर निदेशक प्रसार शिक्षा एवं समेटी डा. जितेन्द्र क्वात्रा ने कहा कि वर्तमान समय में मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कृषकों को जैविक खेती अपनानी चाहिए। जैविक खेती न केवल सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य उत्पादन का माध्यम है बल्कि उत्पादन लागत में कमी तथा उत्पादों के बेहतर मूल्य प्राप्त होने के कारण किसानों की आय को दोगुना करने में भी सहायक सिद्ध हो सकती है। डा. बी.डी. सिंह, प्राध्यापक, सस्य विज्ञान एवं समेटी समन्वयक ने उपस्थित अतिथियों तथा प्रतिभागियों का स्वागत करने के साथ-साथ समेटी द्वारा सम्पादित किये जाने वाले विभिन्न कार्यक्रम, प्रशिक्षणों की रूपरेखा इत्यादि के बारे में विस्तार से चर्चा किये। प्रशिक्षण में विश्वविद्यालय के जैविक कृषि से सम्बन्धित वैज्ञानिकों द्वारा जैविक खेती- परिचय, सिद्धान्त, विभिन्न जैविक कृषि निवेश, उत्तराखण्ड में जैविक कृषि की सम्भावनाएं एवं लाभ, सब्जियों की जैविक विधि से खेती विशेषतः पॉली हाउस में जैविक टमाटर, शिमला मिर्च एवं खीरा उत्पादन तकनीक, जैविक कृषि के अन्तर्गत पोषक तत्व प्रबन्धन, जैविक फसल उत्पादन तकनीक, पॉली हाउस की संरचना एवं सूक्ष्म सिंचाई तकनीक का प्रयोग, जैविक फसलों के प्रमाणीकरण की विधियाँ एवं प्रमाणीकरण से होने वाले लाभ, जैविक फसल एवं सब्जी उत्पादन में जैविक रोग नियंत्रण, विभिन्न जैव उर्वरक, जैव रसायन एवं उनकी प्रयोग विधियाँ, मोटे अनाजों की जैविक विधि से वैज्ञानिक खेती, प्राकृतिक खेती, कृषक स्तर पर जैविक कृषि की सम्भावनायें व विस्तार तथा फसल एवं सब्जियों में जैविक कीट रोग नियंत्रण इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रदर्षन एवं प्रयोगात्मक शिक्षण हेतु प्रतिभागियों को प्राकृतिक खेती शोध केन्द्र, जैविक उत्पादन प्रखण्ड, कृषक प्रदर्शन एवं अन्य शोध केन्द्रों का भ्रमण कराया गया जहाँ उन्हें जैविक खेती सम्बन्धी नवीनतम विकसित तकनीक और अन्य विधायें सिखाई गयी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद-अल्मोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर, चम्पावत, देहरादून, हरिद्वार, टिहरी गढ़वाल, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी एवं पिथौरागढ़ के 48 विभागीय अधिकारियों एवं प्रगतिशील कृषकों द्वारा भाग लिया गया। प्रशिक्षण के सफलतापूर्वक आयोजन में यंग प्रोफेशनल द्वितीय, ज्योति कनवाल का विशेष योगदान रहा।

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