ऊधम सिंह नगर में शिक्षक भर्ती में बड़ा खुलासा। दो शिक्षकों के यूटीईटी प्रमाण पत्र पाए गए फर्जी, शिक्षा विभाग ने जारी किया नोटिस

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फर्जी टीईटी के सहारे नौकरी! शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप,निलंबन की तैयारी!

रुद्रपुर न्यूज।उत्तराखंड समाचार
(Rajtantra Times) ऊधम सिंह नगर के शिक्षा विभाग में सनसनीखेज का मामला सामने आया है। अभी नियुक्त शिक्षकों के डीएलएड यानी डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन के प्रमाण पत्रों की जांच का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि दो शिक्षकों के यूटीईटी का प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है।इससे विभाग में खलबली मची है।
ऊधम सिंह नगर में प्राथमिक स्कूलों में 309 शिक्षकों की भर्ती की विज्ञप्ति निकली थी। वर्ष, 2024 में 254 शिक्षकों की नियुक्ति हुई और इसमें 210 शिक्षकों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया।शिक्षा विभाग ने नियुक्त शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच शुरू की तो पाया कि 29 शिक्षकों के डीएलएड प्रमाण पत्र उत्तर प्रदेश के लगे थे। इसमें सात महिलाएं भी थीं, जो उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं। जिन्होंने शादी से पहले डीएलएड की थी।इन महिलाओं की शादी उत्तराखंड में हुई है,इसलिए वे सभी उत्तराखंड का स्थाई निवास पत्र बन गया,जो नियम के तहत सही है और इस आधार पर उनकी नियुक्ति भी सही है
जिन 22 शिक्षकों को नोटिस भेजकर जवाब देने को कहा गया है। ये सभी शिक्षक उत्तराखंड के रहने वाले हैं और उत्तर प्रदेश में सामान्य निवास का प्रमाण पत्र लगाकर वहां डीएलएड की है,जबकि उत्तर प्रदेश के स्थाई निवासियों के लिए उत्तर प्रदेश शासन ने सरलीकृत कर सामान्य निवास का प्रमाण पत्र लगाने की व्यवस्था की थी।जिससे डीएलएड के लिए दिक्कतों का सामना न करना पड़ा।जबकि उत्तराखंड के कुछ लोगों ने उत्तर प्रदेश के सामान्य निवास की व्यवस्था का लाभ लेकर डीएलएड कर ली।जो शिक्षा विभाग के अनुसार गलत है।यानी दो राज्यों में एक साथ स्थाई निवास का लाभ नहीं लिया जा सकता है। अभी इस मामले की जांच चल ही रही थी कि जिन 210 शिक्षकों की नियुक्ति हुई है,इनमें दो शिक्षकों के यूटेट यानी यूटीईटी प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं।शिक्षा विभाग ने जब इन दोनों शिक्षकों के टीईटी पत्रों को उत्तराखंड विद्यालयी बोर्ड में जांच के लिए भेजा तो पता चला कि ये दोनों शिक्षक नॉट क्वालीफाइड हैं।जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक हरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि दो शिक्षकों के टीईटी प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं।दोनों शिक्षकों को दोबारा नोटिस भेजकर जवाब देने को।कहा गया है।यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है।

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