रुद्रपुर।(राजतंत्र टाइम्स)मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर, वैशाली ने उन्नत कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। यहां 67 वर्षीय उत्तराखंड निवासी महिला मरीज पर Cytoreductive Surgery के साथ HIPEC (Hyperthermic Intraperitoneal Chemotherapy) सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। यह अत्याधुनिक प्रक्रिया उन्नत स्टेज के ओवरी कैंसर मरीजों को लंबे समय तक रोगमुक्ति,यहां तक कि 10 साल तक–की संभावित उम्मीद प्रदान करती है।
क्या है Cytoreductive Surgery + HIPEC?
इस सर्जरी में सबसे पहले पेट में फैले सभी कैंसर ग्रस्त ऊतकों और ट्यूमर को हटाया जाता है। इसके बाद पेट की गुहा में 42–43°C तापमान वाली गर्म कीमोथेरपी को 60–90 मिनट तक घुमाया जाता है। जिससे बची हुई सूक्ष्म कैंसर कोशिकाएं भी नष्ट हो जाती हैं। यह तकनीक कैंसर की दोबारा वापसी की संभावना को काफी कम कर देती है।
डॉ. सीमा सिंह के नेतृत्व में जटिल सर्जरी सफल
यह सर्जरी मैक्स वैशाली की वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. सीमा सिंह के नेतृत्व में की गई। मरीज को उन्नत ओवरी कैंसर था। पेट के अंदर कई जगहों पर कैंसर का फैलाव पाया गया था।जिससे सर्जरी चुनौतीपूर्ण हो गई थी।डॉ. सीमा सिंह ने बताया कि“Cytoreductive Surgery और HIPEC उन चुनिंदा मरीजों के लिए जीवन बदलने वाली तकनीक है। जिनमें ओवरी कैंसर पेट में फैल चुका होता है। यह एक अत्यंत उन्नत और लंबी सर्जरी है, जिसके लिए विशेष प्रशिक्षण और अनुभव की आवश्यकता होती है। हमारा उद्देश्य मरीजों को अधिकतम जीवनकाल और बेहतर जीवन गुणवत्ता देना है।” बताया कि सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर रही और वह धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौटने लगीं। डॉक्टरों का कहना है कि HIPEC के चलते कैंसर की पुनरावृत्ति की संभावना कम होती है और दीर्घकालिक परिणाम अधिक बेहतर देखे गए हैं।इस उपलब्धि के साथ मैक्स वैशाली उत्तर भारत में उन्नत GI और Gynecologic Cancers के लिए HIPEC सर्जरी करने वाले चुनिंदा केंद्रों में स्थापित हो गया है। यह केंद्र रोबोटिक सर्जरी, जटिल ऑन्को-रिकंस्ट्रक्शन और एडवांस्ड कैंसर के उपचार के लिए जाना जाता है।
डॉ. सीमा सिंह
एसोसिएट डायरेक्टर – रोबोटिक एवं सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, मैक्स वैशालीMCh (सर्जिकल ऑन्कोलॉजी), AIIMS नई दिल्ली MS Gold Medalist, IMS-BHU
उन्नत रोबोटिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव ऑनकोलॉजी फेलोशिप – दक्षिण कोरियाविशेषज्ञता: ओवरी कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, गायनी कैंसर, HIPEC, सिर-गर्दन ट्यूमर, रोबोटिक ऑन्को-सर्जरी।इस सर्जरी ने 67 वर्षीय मरीज को नई उम्मीद दी है, और उन्नत ओवरी कैंसर उपचार में यह उपलब्धि चिकित्सा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है

