विश्व खाद्य दिवस पर पंतनगर में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित

  • खाद्य क्षेत्र में नवाचार और सतत खाद्य प्रणाली पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार

पंतनगर।(राजतंत्र टाइम्स)।  गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के कृषि महाविद्यालय स्थित खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा सोसाइटी ऑफ फूड साइंटिस्ट्स एंड टेक्नोलॉजिस्ट्स के संयुक्त तत्वावधान में विश्व खाद्य दिवस-2026 के उपलक्ष्य में 15 एवं 16 अक्टूबर को छात्रों एवं खाद्य पेशेवरों के लिए दो दिवसीय पांचवीं राष्ट्रीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस वर्ष कार्यशाला का विषय “इनोवेट टुडे, नरिश टुमॉरो” (आज नवाचार करें, कल को पोषित करें) रहा।
कार्यशाला का नेतृत्व अध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार शर्मा ने किया। डॉ. अनिल कुमार एवं डॉ. श्वेता राय सह-अध्यक्ष तथा डॉ. सब्बू संगीता एवं प्रीति रामचंद्रन समन्वयक की भूमिका में रहीं। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. दीपा विनय मुख्य अतिथि रहीं। अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. विपिन चंद्र ध्यानी, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अनिल शुक्ला तथा निदेशक संचार डॉ. जे.पी. जायसवाल ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों के लिए पोस्टर मेकिंग, क्विज, इनोवेटिव आइडिया, “गेस द ग्लोबल प्लेट” तथा इनोवेटिव रेसिपी सहित कुल सात प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मकता, नवाचार क्षमता और विषयगत ज्ञान का प्रदर्शन किया।
कार्यशाला के प्रथम दिन रोक्वेट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रोडक्शन हेड राकेश सरकार ने मक्का प्रसंस्करण में नवाचार के विभिन्न पहलुओं एवं संभावनाओं पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। गलगोटिया विश्वविद्यालय की सहायक प्राध्यापक डॉ. हंशिका सती ने ताजा उपज के समेकित कटाई-उपरांत प्रबंधन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से खाद्य हानि को कम करने के साथ खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ किया जा सकता है। मध्य प्रदेश सरकार के खाद्य सुरक्षा अधिकारी शुभम राजपूत ने संवादात्मक सत्र में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
कार्यशाला विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत के पेशेवरों और सरकारी प्रतिनिधियों के लिए एक साझा मंच बनी, जहां खाद्य सुरक्षा, नवाचार तथा सतत खाद्य प्रणाली से जुड़े अनुभवों और विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
आयोजन की सफलता में खाद्य प्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विशेष रूप से आयुषी मिश्रा, सृष्टि गौर, आकाश दीप शुक्ला, आयुषी तिवारी और रबी नारायण साहू सहित अन्य विद्यार्थियों ने आयोजन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। समापन अवसर पर आयोजकों ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि इस प्रकार के आयोजन भावी खाद्य वैज्ञानिकों को नवाचार और सतत खाद्य प्रणाली की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करेंगे।