विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रशासन अलर्ट, हर मतदान केंद्र का होगा भौतिक सत्यापन,डीएम नितिन सिंह भदौरिया के सख्त निर्देश, जर्जर मतदान केंद्रों को बदलने की प्रक्रिया होगी पूरी; मतदाता सूची की त्रुटियां सुधारने पर जोर

रुद्रपुर। (राजतंत्र टाइम्स) । विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों और विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 को लेकर जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने वर्चुअल बैठक के माध्यम से सभी उप जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए प्रत्येक मतदान केंद्र का शत-प्रतिशत स्थलीय निरीक्षण और भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं से लेकर मतदाता सूची में दर्ज नामों के सत्यापन तक किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 जर्जर मतदान केंद्रों को बदलने की होगी प्रक्रिया

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के माध्यम से सभी मतदेय स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कराकर भौतिक सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। निरीक्षण के दौरान मतदान केंद्रों के भवनों की स्थिति का विशेष परीक्षण किया जाए। जिन मतदान केंद्रों के भवन जर्जर अथवा मतदान के लिए अनुपयुक्त पाए जाते हैं, उन्हें निकटवर्ती उपयुक्त सरकारी भवन में स्थानांतरित करने की विधिवत प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए।उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर बिजली, रैंप, पेयजल, शौचालय समेत अन्य आवश्यक न्यूनतम आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि निर्वाचन के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

मतदाता सूची में नाम और विवरणों का होगा दोबारा सत्यापन

डीएम ने निर्वाचक नामावलियों को त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके तहत मतदाता सूची में दर्ज नाम, आयु, संबंधी का नाम और अन्य विवरणों का गहन परीक्षण कर दोबारा सत्यापन कराया जाएगा। किसी भी प्रकार की त्रुटि अथवा अपूर्णता मिलने पर सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने निर्देश दिए कि विवरणों में संशोधन से संबंधित मामलों में प्रपत्र-8 भरवाकर एकत्र किए जाएं और आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए।

पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटा तो होगा शामिल

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि नो-मैपिंग अथवा किसी अन्य विसंगति के कारण यदि किसी पात्र मतदाता का नाम निर्वाचक नामावली से छूट गया हो, तो ऐसे मामलों की पहचान कर संबंधित पात्र मतदाताओं से प्रपत्र-6 भरवाया जाए। इसके बाद उनका नाम मतदाता सूची में शामिल करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र मतदाता अनावश्यक रूप से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित नहीं रहना चाहिए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वर्चुअल बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, ओसी हिमांशु कफलटिया और सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राजेन्द्र सिंह अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सभी उप जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।