- टाइटन कन्या एवं टाइटन छात्रवृत्ति योजना के तहत 306 विद्यार्थियों को मिली आर्थिक सहायता, शिक्षा और बालिका सशक्तिकरण की दिशा में पहल
रुद्रपुर।(राजतंत्र टाइम्स)। शिक्षा और बालिका सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में टाटा समूह की कंपनी टाइटन ने सराहनीय पहल की है। शनिवार को सिटी क्लब रुद्रपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए टाइटन कन्या एवं टाइटन छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके तहत 306 मेधावी एवं आर्थिक रूप से जरूरतमंद विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई, जिससे उन्हें आर्थिक बाधाओं के बावजूद अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र सिंह मिश्रा एवं खंड शिक्षा अधिकारी सैयद आलम मौजूद रहे। अधिकारियों ने छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए टाइटन कंपनी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह की पहल विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए नए अवसर प्रदान करती है। विशेष रूप से बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने और सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के प्रयास महत्वपूर्ण हैं।

टाइटन की ओर से CSR प्रमुख जे.जे. डोमिनिक, हेड एडमिनिस्ट्रेशन स्क्वाड्रन लीडर रश्मि देवकुमार, ज्वेलरी डिवीजन के फैक्ट्री मैनेजर माराजन एम तथा टाइटन वॉचेज के फैक्ट्री मैनेजर राजीव राजपूत उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रवृत्ति का लाभ उठाकर वे अपने शैक्षणिक और व्यावसायिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करें।

कंपनी के अनुसार, छात्रवृत्ति के लिए चयन प्रक्रिया तीन से चार महीने तक चलती है। इसमें आवेदन, दस्तावेजों की जांच, व्यक्तिगत साक्षात्कार और पात्रता का सत्यापन शामिल है, ताकि सहायता वास्तविक जरूरतमंद एवं योग्य विद्यार्थियों तक पहुंच सके।इस पहल के संचालन में सहयोगी संस्थाओं NGO AASARA और द हंस फाउंडेशन की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में AASARA के CEO अमित बदोनी एवं द हंस फाउंडेशन की हेड एजुकेशन सोनल भी मौजूद रहीं।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए टाइटन की ‘पावर प्ले’ पहल की जानकारी भी दी गई। साथ ही कंपनी की अन्य CSR गतिविधियों और सतत विकास से जुड़े प्रयासों से भी अवगत कराया गया।टाइटन की कन्या+ एवं छात्रवृत्ति योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और बालिका शिक्षा को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। 306 विद्यार्थियों को मिली यह सहायता उनके बेहतर भविष्य की राह में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
