इंडोनेशिया के आईपीबी विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल ने पंतनगर विश्वविद्यालय का किया भ्रमण: दोनों विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग की प्रबल संभावनाएं

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पंतनगर,।(राजतंत्र टाइम्स)। गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में इंडोनेशिया के प्रतिष्ठित आईपीबी यूनिवर्सिटी के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय का भ्रमण किया। इस अवसर पर दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक, अनुसंधान, छात्र एवं संकाय विनिमय तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई।


प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रो. इस्कंदर ज़ेड. सिरेगर, वॉइस रेक्टर, ग्लोबल कनेक्टिविटी, कोलैबोरेशन एंड एल्यूमिनी ने किया। उनके साथ डॉ. राडेन डिक्की इंद्रावन, डायरेक्टर, इंटरनेशनल एजुकेशन, डॉ. सोनी हार्टोनो विजया, हेड डिपार्मेंट ऑफ़ कंप्यूटर साइंस, डॉ. इंद्री हप्सारी फित्रियानी, डिप्टी डायरेक्टर ऑफ़ इंटरनेशनल एजुकेशन तथा श्री एंडांग पूर्णमा गिरी, लेक्चरर डिपार्मेंट ट ऑफ़ कंप्यूटर साइंस उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल का स्वागत विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. शिवेंद्र कुमार कश्यप ने किया। बैठक के दौरान कृषि, प्रौद्योगिकी, सूचना विज्ञान, नवाचार एवं संयुक्त शोध परियोजनाओं के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर कुलपति डॉ. शिवेन्द्र कुमार कश्यप द्वारा प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों का विश्वविद्यालय का प्रतीक चिन्ह एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। वहीं प्रो. इस्कंदर ज़ेड. सिरेगर ने भी कुलपति को स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त डॉ. इंद्री हप्सारी फित्रियानी ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव को उपहार भेंट कर सम्मान व्यक्त किया।
अपने संबोधन में कुलपति डॉ. कश्यप ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया की भौगोलिक एवं कृषि परिस्थितियों में अनेक समानताएँ हैं। दोनों देशों की जलवायु, कृषि प्रणालियाँ एवं विकास की चुनौतियाँ काफी हद तक एक जैसी हैं। ऐसे में पंतनगर विश्वविद्यालय एवं आईपीबी विश्वविद्यालय के मध्य अकादमिक, अनुसंधान एवं तकनीकी सहयोग के प्रगाढ़ संबंध विकसित होने की प्रबल संभावनाएँ हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह संवाद भविष्य में संयुक्त अनुसंधान, छात्र-शिक्षक आदान-प्रदान तथा नवाचार आधारित परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के विभिन्न अनुसंधान केंद्रों, प्रयोगशालाओं एवं शैक्षणिक सुविधाओं का अवलोकन किया तथा कृषि एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भी दोनों संस्थानों के मध्य दीर्घकालिक सहयोग स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिष्ठाताओं, निदेशकों, विभागाध्यक्षों, वैज्ञानिकों एवं संकाय सदस्यों की उपस्थिति रही। यह दौरा भारत और इंडोनेशिया के दो प्रमुख कृषि विश्वविद्यालयों के मध्य अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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