नर सेवा ही नारायण सेवा,उत्तरायणी पर्व पर चंदौला मेडिकल कॉलेज ने रचा सेवा का कीर्तिमान
संस्कृति के साथ-साथ सेवा भाव से जुड़ने की प्रेरणा देता है उत्तरायणी पर्व, चंदौला
रुद्रपुर न्यूज।उत्तराखंड समाचार
(Rajtantra Times) शैल सांस्कृतिक समिति की ओर से गंगापुर रोड स्थित शैल भवन में आयोजित दो दिवसीय उत्तरायणी महोत्सव में इस बार सेवा और समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला। महोत्सव के दौरान चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं वसुंधरा नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेज ने ‘नर सेवा नारायण सेवा’ के मूल मंत्र को चरितार्थ करते हुए दो दिवसीय विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। कॉलेज के प्रबंध निदेशक डॉ. के.सी. चंदौला की देखरेख में संचालित इस शिविर में क्षेत्र के 500 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराकर अपनी स्वास्थ्य जांच करवाई और चिकित्सा परामर्श प्राप्त किया। शिविर में विशेषज्ञों की टीम द्वारा मरीजों के खून की जांच, ब्लड प्रेशर की जांच के साथ-साथ गंभीर रोगों का सूक्ष्म परीक्षण किया गया। साथ ही आधुनिक फिजियोथैरेपी की सुविधा भी प्रदान की गई और परीक्षण के उपरांत जरूरतमंद मरीजों को कॉलेज की ओर से निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं।
मेले में शैल सांस्कृतिक समिति के पदाधिकारियों ने डॉ. के.सी. चंदौला को मंच पर समाज के प्रति उनके निस्वार्थ योगदान की सराहना की। समिति ने डॉ. चंदौला को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर डॉ. के.सी. चंदौला ने कहा कि उत्तरायणी जैसा पवित्र पर्व हमें अपनी संस्कृति के साथ-साथ सेवा भाव से जुड़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा हमारी संस्था का मुख्य ध्येय समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। इस तरह के आयोजनों से न केवल लोगों को बीमारी के प्रति जागरूकता मिलती है, बल्कि ‘नर सेवा’ के माध्यम से ही हम ईश्वर की सच्ची आराधना कर सकते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।
चिकित्सकीय टीम का सराहनीय योगदान
स्वास्थ्य सेवा के इस पुनीत कार्य में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय विश्वकर्मा, सागर तिवारी, डॉ. देवेन्द्र कुमार, डॉ. रश्मि नेगी, डॉ. आलिया सिददीकी, डॉ. मनीषा बैरागी, डॉ. नरेन्द्र कोहली, डॉ. गजेंद्र सिंह राणा, डॉ. रोहन सिराडी, डॉ. नितिश सागर, डॉ. महिमा चौधरी, डॉ. सीमा गंगवार, डॉ. शिवानी बाजपेई, डॉ. रितिका सक्सेना, डॉ. दिव्या सैनी, शिफा, आयशा कोली और अजय ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए अहम योगदान दिया। वहीं कार्यक्रम में शैल सांस्कृतिक समिति के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, साहित्यकार एवं क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

