- रुद्रपुर में PCPNDT सलाहकार समिति की बैठक: 14 अल्ट्रासाउंड केंद्रों के लाइसेंस को मंजूरी, अनुपयोगी मशीनों को डिस्मेंटल करने के लिए बनेगी पांच सदस्यीय समिति
रुद्रपुर। (राजतंत्र टाइम्स)। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशन में बुधवार को विकास भवन में परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी की अध्यक्षता में पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अवैध लिंग परीक्षण पर प्रभावी रोक लगाने, अल्ट्रासाउंड केंद्रों की निगरानी सख्त करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।बैठक में अल्ट्रासाउंड केंद्रों के लाइसेंस और नवीनीकरण के आवेदनों पर विचार करते हुए कुल 14 आवेदनों को संस्तुति दी गई। इनमें पांच लाइसेंस नवीनीकरण और नौ नए लाइसेंस के आवेदन शामिल हैं। वहीं, दो नए आवेदनों पर अंतिम निर्णय से पहले स्थलीय निरीक्षण कराने का निर्णय लिया गया।
अवैध लिंग परीक्षण की सूचना देने पर मिलेगा दो लाख का इनाम
जनपद में अवैध लिंग परीक्षण के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के लिए प्रशासन मुखबिर योजना को प्रभावी ढंग से लागू करेगा। अवैध रूप से लिंग परीक्षण करने वाले केंद्रों की सही और सटीक जानकारी देने वाले मुखबिर को दो लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। बैठक में बताया गया कि संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े कुछ केंद्रों को चिह्नित किया गया है। इनके विरुद्ध जल्द ही पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन का उद्देश्य भ्रूण के लिंग की अवैध जांच पर रोक लगाना और अधिनियम के प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।
अनुपयोगी अल्ट्रासाउंड मशीनों को किया जाएगा डिस्मेंटल
बैठक में जनपद में ऐसी अल्ट्रासाउंड मशीनों को डिस्मेंटल करने का भी निर्णय लिया गया, जो वर्तमान में उपयोग में नहीं हैं। इसके लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा। समिति जिलाधिकारी से आवश्यक अनुमति प्राप्त करने और संबंधित केंद्र संचालक से वैधानिक शपथ पत्र लेने के बाद ही मशीनों को डिस्मेंटल करने की कार्रवाई करेगी।परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नियमित रूप से निरीक्षण किया जाए। इसके साथ ही अचानक जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि केंद्रों पर निर्धारित नियमों और कानूनी प्रावधानों का पालन हो रहा है।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
बैठक में स्पष्ट किया गया कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम का उल्लंघन करने वाले किसी भी केंद्र को बख्शा नहीं जाएगा। नियमों के विरुद्ध गतिविधियां पाए जाने पर संबंधित केंद्रों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।बैठक में पिछली बैठक की अनुपालन आख्या भी प्रस्तुत की गई। इसके बाद लाइसेंस से संबंधित 16 आवेदनों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। डीजीसी बारीत सिंह ने आवेदनों के कानूनी पहलुओं और दस्तावेजों की जांच की। जांच के बाद 14 आवेदनों को संस्तुति दी गई, जबकि दो नए आवेदनों के संबंध में स्थलीय निरीक्षण कराने का निर्णय लिया गया। निरीक्षण के बाद इन मामलों में जिलाधिकारी को अंतिम संस्तुति भेजी जाएगी।बैठक में नोडल अधिकारी (PCPNDT) डॉ. एस.पी. सिंह, एडिशनल सीएमओ डॉ. डी.पी. सिंह, डीजीसी बारीत सिंह, बिंदु वसानी (आईएसडी, किच्छा), सीमा सिंह, प्रदीप महर (PNDT), जिला सूचना विभाग से विजय कुमार और अधिशासी सहायक गोपाल आर्य सहित समिति के अन्य सदस्य एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
