धामी सरकार की आधुनिक पशुपालन पहल रंग लाई, सितारगंज में एम्ब्रियो ट्रांसफर से मिली जर्सी बछिया

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स्थानीय गौशाला में सफल हुआ मुख्यमंत्री गोकुल एम्ब्रियो ट्रांसफर योजना का पायलट प्रोजेक्ट, उन्नत नस्ल और अधिक दुग्ध उत्पादन से पशुपालकों की आय बढ़ाने की उम्मीद

सितारगंज। (राजतंत्र टाइम्स)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार किसानों और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने तथा पशुपालन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। सरकार का उद्देश्य पारंपरिक पशुपालन को आधुनिक तकनीक और बेहतर नस्लों से जोड़कर दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। इसी दिशा में शुरू की गई मुख्यमंत्री गोकुल एम्ब्रियो ट्रांसफर योजना अब धरातल पर सकारात्मक परिणाम देने लगी है।

विकासखंड सितारगंज के ग्राम बसगर, शक्तिफार्म निवासी पशुपालक योगेंद्र सिंह रावत की गौशाला में इस योजना के तहत शुरू किया गया पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा है। करीब 75 पशुओं वाली इस गौशाला में एम्ब्रियो ट्रांसफर तकनीक के माध्यम से सामान्य गाय से अधिक दूध देने वाली जर्सी नस्ल की दो बछिया प्राप्त हुई हैं। इस उपलब्धि को क्षेत्र में आधुनिक पशुपालन की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

उन्नत नस्ल के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता होगी कम

एम्ब्रियो ट्रांसफर तकनीक की सफलता से स्थानीय पशुपालकों के लिए उन्नत नस्ल के पशु प्राप्त करने का रास्ता आसान होने की उम्मीद है। अब बेहतर नस्ल के पशु खरीदने के लिए दूसरे राज्यों का रुख करने और लाखों रुपये खर्च करने की आवश्यकता कम हो सकती है। योजना के माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही उन्नत नस्ल की बछिया उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

पशुपालक अपने क्षेत्र के सरकारी पशु चिकित्सालय से संपर्क कर हॉलिस्टीन, जर्सी, रेड सिंधी और साहीवाल जैसी उन्नत नस्लों की बछिया प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर पशुओं की नस्ल सुधार, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि और पशुपालकों की आय बढ़ाने के नए अवसर पैदा होंगे।

पशुपालन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार की ओर से कृषि और पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। एम्ब्रियो ट्रांसफर जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग इसी सोच को आगे बढ़ाने वाली पहल है। इसके माध्यम से बेहतर आनुवंशिक क्षमता वाले पशुओं की संख्या बढ़ाने और आने वाले समय में दुग्ध उत्पादन को नई दिशा देने की उम्मीद है।

योगेंद्र सिंह रावत की गौशाला में मिली सफलता से स्थानीय पशुपालकों में भी उत्साह है। पशुपालकों का मानना है कि यदि ऐसी तकनीक का लाभ गांव-गांव तक पहुंचता है तो इससे पशुपालन को अधिक लाभकारी व्यवसाय बनाने में मदद मिलेगी।

सफल पायलट प्रोजेक्ट से बढ़ी उम्मीद

योगेंद्र सिंह रावत की गौशाला में एम्ब्रियो ट्रांसफर तकनीक से मिली दो जर्सी बछिया मुख्यमंत्री गोकुल एम्ब्रियो ट्रांसफर योजना की जमीनी सफलता का उदाहरण बनकर सामने आई हैं। स्थानीय स्तर पर मिली इस सफलता से उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक पशुपालकों को उन्नत नस्ल और आधुनिक पशुपालन तकनीक का लाभ मिल सकेगा।

स्थानीय पशुपालकों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तराखंड सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे पशुपालन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका कहना है कि उन्नत नस्ल, बेहतर दुग्ध उत्पादन और आधुनिक तकनीक का मेल ग्रामीण पशुपालकों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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