डीएम सख्त: पिथौरागढ़ में पेयजल पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं, गुणवत्ता जांच अनिवार्य,कंट्रोल रूम से होगी हर शिकायत की मॉनिटरिंग,विभागों को किया अलर्ट

Share Now
  • ग्रीष्मकाल से पहले अलर्ट: डीएम बोले—पेयजल व्यवस्था में ढिलाई नहीं चलेगी
  • हर घर साफ पानी का लक्ष्य: डीएम ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

पिथौरागढ़ न्यूज़ ।(राजतंत्र टाइम्स) जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में पेयजल व्यवस्था एवं जल जीवन मिशन से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल निगम एवं उत्तराखण्ड जल संस्थान, शाखा पिथौरागढ़ द्वारा संचालित जिला स्तरीय कंट्रोल रूम, ग्रामीण एवं नगरीय पेयजल आपूर्ति, ग्रीष्मकालीन जल संकट प्रबंधन तथा विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास खण्डवार पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रीष्मकाल को देखते हुए सभी संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए तथा जहां आवश्यकता हो, वहां टैंकर एवं पिकअप वाहनों के माध्यम से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।

नगरीय क्षेत्रों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिथौरागढ़ नगर सहित अन्य नगरों में पेयजल की मांग एवं आपूर्ति में अंतर के कारण कुछ क्षेत्रों में एक दिन के अंतराल से जलापूर्ति की जा रही है और फिलहाल पेयजल को लेकर कोई समस्या नहीं बनी हुई है। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए प्रभावित मोहल्लों में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए, ताकि आमजन को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

बैठक में पिथौरागढ़, डीडीहाट, गंगोलीहाट, बेरीनाग एवं धारचूला नगरों की पेयजल उपलब्धता की भी समीक्षा की गई, जिसमें कुल मांग के सापेक्ष उत्पादन की स्थिति की जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा लीकेज, तकनीकी समस्याओं एवं अन्य बाधाओं का त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में पारदर्शिता के साथ पेयजल व्यवस्था को सुचारु रखा जाए तथा आगामी महीनों के लिए पूर्व नियोजन करते हुए व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।

जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं, आवंटित राजस्व ग्रामों एवं रखरखाव की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि ग्राम स्तर पर जलापूर्ति व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करते हुए गुणवत्ता एवं नियमितता बनाए रखी जाए।

बैठक में हैंडपंपों, ट्यूबवेल एवं वाटर टैंकरों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि खराब हैंडपंपों की शीघ्र मरम्मत कर उन्हें क्रियाशील बनाया जाए तथा नए टैंकरों की स्वीकृति हेतु आवश्यक कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रीष्मकाल के दौरान पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए आमजन को समयबद्ध एवं सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में पेयजल आपूर्ति से संबंधित समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु हनुमान मंदिर पम्पगृह परिसर, पिथौरागढ़ में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम संचालित किया जा रहा है। इस कंट्रोल रूम के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। आमजन के लिए दूरभाष नंबर 05964-225237 एवं मोबाइल नंबर 7900278607 जारी किए गए हैं।

जिलाधिकारी ने जल संस्थान एवं जल निगम के अधिकारियों को अपने विभाग से एक-एक कार्मिक इस कंट्रोल रूम में तैनात करने हेतु सख्त निर्देश दिए। साथ ही आमजन से अपील की कि पेयजल से जुड़ी समस्याओं के लिए कंट्रोल रूम पर संपर्क करें, ताकि शिकायतों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में अधीक्षण अभियंता जल निगम रंजीत धर्मशक्त्तू, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, अधिशाषी अभियंता जल संस्थान सुरेश जोशी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *