स्वास्थ्य और सड़क विकास को नई रफ्तार,पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने मुख्यमंत्री धामी का किया आभार व्यक्त

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किच्छा न्यूज़। उत्तराखंड समचार (राजतंत्र टाइम्स) पंडित राम सुमेर शुक्ल स्मृति राजकीय मेडिकल कॉलेज को 651 करोड़ रूपये स्वीकृत करने एवं किच्छा – नगला मार्ग से आदित्य चौक किच्छा होते हुए एनएच तक फोरलेन चौड़ीकरण करने के लिए 80.63 करोड रुपए जारी करने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने आभार जताया।पूर्व विधायक शुक्ला ने बताया कि पूर्व में 20 साल से घोषित रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज 20 वर्षों तक अपने निर्माण की बात खोजता रहा, उन्होंने किच्छा से विधायक बनने के बाद उन्होंने इस अधूरे मेडिकल कॉलेज को पूरा करने का बीड़ा उठाया था।वर्ष, 2019 में तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अश्वनी चौबे को रुद्रपुर में अधूरे मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कराकर एक साथ 345 करोड रुपए भारत सरकार से जारी कराए थे। शुक्ला ने कहा कि बीच में कोरोना काल में 2 साल निर्माण रुक जाने से मेडिकल कॉलेज के लिए जारी धनराशि निर्माण की लागत से कम पड़ने लगी और विभाग द्वारा इसके लिए 651 करोड रुपए की डिमांड हुई, 4 दिसंबर 2025 को पंडित राम सुमेर शुक्ल स्मृति समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अपने संबोधन में बढ़ी हुई राशि जारी करने की मांग की थी। मुख्यमंत्री धामी जी ने इस मेडिकल कॉलेज के निर्माण को पूरा करने हेतु अपनी घोषणा आज 651 करोड रुपए स्वीकृत करके कर दी, इसके लिए उनका आभार जाता हूं। उन्होंने मेडिकल कॉलेज को 100 सीटे भी दी हैं, अगले सत्र में यहां चिकित्सकों की शिक्षा शुरू हो जाएगी जो एक बड़ा कदम होगा। शुक्ला ने कहा कि नगला से किच्छा की तरफ नगला से 5 किलोमीटर बाद किच्छा के आदित्य चौक होते हुए एन0एच0 तक 8 किलोमीटर सड़क को फोरलेन स्वीकृत करते हुए 80 करोड़ 63 लाख रुपए जारी करने पर भी वे माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताते हैं। उन्होंने कहा कि इस सड़क के चौड़ीकरण के लिए विधायक के रूप में दो एनएच को जोड़ने वाले राजमार्ग को केंद्र से बजट दिलाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन के माध्यम से भेजा था।आज मुख्यमंत्री धामी के विशेष प्रयासों से यह धन प्राप्त हुआ। उन्होंने इसे जारी कर दिया इससे किच्छा से हल्द्वानी की ओर जाने वाले वाहनों को जाम की स्थिति नहीं झेलनी पड़ेगी।शुक्ला ने कहा कि यह मार्ग नगला से ही शुरू होना था परंतु प्रस्ताव भेजते समय नगला में सड़क की भूमि के निर्धारण पर विवाद था जो उस समय हल नहीं हुआ था तथा विभाग द्वारा त्रुटि पूर्ण सीमांकन करने से नगला और रेलवे की भूमि के बीच के सब निर्माण सड़क की भूमि में आ रहे थे इस कारण नगला से 5 किलोमीटर किच्छा की तरफ छोड़कर पहले चरण का प्रस्ताव भेजा गया था जो स्वीकृत हो गया।पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि इस बीच मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर मंत्री मंडलीय उपसमिति द्वारा नगला मामले में कमिश्नर कुमाऊं द्वारा भूमि का चिह्निकरण कर निर्णय हो चुका है जिसे दोनों पक्षों ने माना है। सड़क के केंद्र से 50 फिट दोनों तरफ लोक निर्माण विभाग की जमीन है। जिसे खाली कराया जाएगा और इस भूमि पर अगले चरण में फोरलेन का निर्माण पूरा होगा।

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