पंतनगर विश्वविद्यालय की स्नातक एवं स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षाएं सफलतापूर्वक संपन्न

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परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर कुलपति ने लिया फीडबै

पंतनगर।(राजतंत्र टाइम्स)। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर द्वारा आयोजित स्नातक एवं एमसीए कार्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा का आयोजन प्रातः 10ः00 बजे से अपराह्न 1ः00 बजे तक किया गया।


स्नातक कार्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा के लिए कुल 8,737 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे, जिनमें से 7,358 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। इस प्रकार परीक्षा में लगभग 84.2 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। वहीं एमसीए कार्यक्रम की प्रवेश परीक्षा के लिए कुल 155 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे, जिनमें से 124 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।
परीक्षा के लिए राज्य के विभिन्न जनपदों में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। अभ्यर्थियों के साथ आए अभिभावकों को गांधी हॉल में बैठने की व्यवस्था की गई, जहां उन्हें विश्वविद्यालय की उपलब्धियों एवं विभिन्न गतिविधियों पर आधारित वीडियो प्रदर्शित किए गए। साथ ही सभी अभिभावकों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था भी की गई।
परीक्षा में सम्मिलित होने वाले दो दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं ताकि वे किसी प्रकार की असुविधा के बिना परीक्षा दे सकें।
परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई तथा कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना प्राप्त नहीं हुई। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि प्रवेश परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के उपरांत परिणाम निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार घोषित किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय द्वारा दोनों दिवसों में आयोजित मास्टर्स एवं पीएचडी तथा यूजी एवं एमसीए प्रवेश परीक्षाओं में कुल 8785 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए, जबकि 1,710 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर शिवेन्द्र कुमार कश्यप ने स्नातक प्रवेश परीक्षा के सफल एवं सुचारु संचालन के लिए कुलसचिव डॉ. दीपा विनय, परीक्षा नियंत्रक डॉ. ए.के. उपाध्याय, सभी केंद्र अधीक्षकों, समन्वयकों, फ्लाइंग स्क्वाड के सदस्यों, निरीक्षकों तथा सहयोगी कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए उनके योगदान की सराहना की।

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