पंतनगर विश्वविद्यालय के नेतृत्व में तैयार होगा उत्तराखंड का 20 वर्षीय कृषि रोडमैप,दो दिवसीय बैठक में 50 से अधिक अधिकारियों और 100 से अधिक शिक्षकों ने किया मंथन

पंतनगर। (राजतंत्र टाइम्स । उत्तराखंड में अगले 20 वर्षों के लिए कृषि रोडमैप तैयार करने को लेकर आयोजित दो-दिवसीय बैठक संपन्न किया गया। राज्य सरकार ने रोडमैप तैयार करने की जिम्मेदारी गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर को सौंपी है। इस कार्य का नेतृत्व विश्वविद्यालय के कुलपति डा. शिवेंद्र कुमार कश्यप कर रहे हैं। 3 एवं 4 अक्टूबर को हुई बैठक में सचिव कृषि डा. एस.एन. पांडेय; महानिदेशक, कृषि एवं उद्यान श्री आनंद श्रीवास्तव, निदेशक कृषि श्री दिनेश कुमार तथा अपर निदेशकों सहित कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। रोडमैप के विभिन्न विषयगत समूहों के समन्वयक, जिनमें पंतनगर विश्वविद्यालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा तथा औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार के संकाय सदस्यों ने भी बैठक में भाग लिया। बैठक में प्रदेशभर से 50 से अधिक अधिकारियों और 100 से अधिक संकाय सदस्यों ने प्रतिभाग किया।
रोडमैप निर्माण की दिशा में यह बैठक एक महत्वपूर्ण पड़ाव रही। इसमें प्राथमिकताओं, आंकड़ों की आवश्यकता और प्रत्येक समूह की कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा हुई। इसी के आधार पर समितियां, समन्वयक और उनकी टीमें अक्टूबर के अंत तक रोडमैप का पहला मसौदा प्रस्तुत करेंगी। यह रोडमैप सरकारी विभागों, किसानों और प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों सहित सभी हितधारकों के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज का काम करेगा और आने वाले दो दशकों में उत्तराखंड को कृषि के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने में सहायक होगा।
कुलपति डा. कश्यप ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय उत्तराखंड के लिए एक भविष्योन्मुखी रोडमैप तैयार करने की पहल का नेतृत्व कर रहा है, जिसमें डिजिटलीकरण जैसे उभरते क्षेत्रों और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समावेश किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रोडमैप में अनाज, दलहन, तिलहन, औषधीय एवं सगंध पौधे, पुष्प, फल, सब्जी, गन्ना, मत्स्य, वन्यजीव, वानिकी तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती सहित कुल 25 श्रेणियां शामिल हैं। देश-विदेश के विशेषज्ञ इसमें सहयोग दे रहे हैं, और यह रोडमैप पूरे देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभरेगा।