श्रीलंका में भारत का परचम लहराने वाले क्षितिज सिंह को महापौर ने किया सम्मानित

  • श्रीलंका में भारत का परचम लहराने वाले क्षितिज सिंह को महापौर ने किया सम्मानित
     साउथ एशियन जु-जित्सू चैंपियनशिप में जीते स्वर्ण और रजत पदक

रूद्रपुर। श्रीलंका में आयोजित थर्ड साउथ एशियन जु जित्सू चैंपियनशिप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण और रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले होनहार खिलाड़ी क्षितिज सिंह का महापौर विकास शर्मा ने अपने आवास पर स्वागत किया और उन्हें सम्मानित करते हुए मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं ।

श्रीलंका में भारत का परचम लहराने वाले क्षितिज सिंह को महापौर ने किया सम्मानित

इस अवसर पर जिला जु जित्सू एसोसिएशन के महासचिव एवं कोच ऋषि पाल भारती ने बताया कि ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया द्वारा अधिकृत जु जित्सू इंटरनेशनल फेडरेशन तथा जु जित्सू एशियन यूनियन के नेतृत्व में जु जित्सू फेडरेशन लंका के सौजन्य से 10 से 12 अप्रैल 2026 तक डिगाना श्रीलंका में थर्ड साउथ एशियन जु जित्सू चौंपियनशिप आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता में दक्षिण एशिया के सात देशों के लगभग 400 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया।

उन्होंने बताया कि भारतीय जु जित्सू टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए क्षितिज सिंह ने एडल्ट आयुवर्ग के माइनस -85 किलोग्राम भार वर्ग की फाइटिंग स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने मेजबान श्रीलंका के खिलाड़ी को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके अलावा टीम इवेंट डूओ शो मिक्स्ड स्पर्धा में हल्द्वानी की खिलाड़ी श्रीपर्णा जोशी के साथ बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रजत पदक भी हासिल किया। क्षितिज की इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी का माहौल है।

महापौर विकास शर्मा ने कहा कि क्षितिज सिंह ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर न केवल रूद्रपुर बल्कि पूरे उत्तराखण्ड और देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी की यह सफलता शहर के अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है और इससे क्षेत्र के युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ेगा।

महापौर ने कहा कि उत्तराखण्ड के खिलाड़ी आज देश और विदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार की बेहतर खेल नीतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि धामी सरकार प्रदेश को खेल भूमि बनाने के उद्देश्य से लगातार कार्य कर रही है। खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए नई खेल नीति लागू की गई है और पदक विजेताओं को सरकारी नौकरियों का लाभ भी दिया जा रहा है