- पिथौरागढ़ में मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026 को लेकर अधिकारियों का प्रशिक्षण
- डीएम आशीष भटगांई ने दिए पारदर्शी एवं त्रुटिरहित पुनरीक्षण के निर्देश
- 08 जून से शुरू होगा बीएलओ का घर-घर सर्वे अभियान
- 15 सितंबर को होगा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन
- निर्वाचन प्रक्रिया को मजबूत बनाने पर प्रशासन का फोकस
पिथौरागढ़।(राजतंत्र टाइम्स)जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में आज जिला सभागार में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) 2026 के सफल संचालन हेतु प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में समस्त एआरओ, एएआरओ, अतिरिक्त एआरओ, नोडल अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
इस दौरान मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 की समय-सारणी एवं विभिन्न चरणों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम के अनुसार 01 जुलाई 2026 को पात्रता तिथि निर्धारित की गई है। मतदाता सूची की तैयारी, प्रशिक्षण एवं मुद्रण कार्य 29 मई 2026 से 07 जून 2026 तक संपन्न किया जाएगा, जबकि बीएलओ द्वारा घर-घर सर्वेक्षण 08 जून 2026 से 07 जुलाई 2026 तक किया जाएगा।
मतदान केंद्रों का युक्तिकरण 07 जुलाई 2026 को किया जाएगा तथा मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशन 14 जुलाई 2026 को होगा। दावे एवं आपत्तियां दर्ज करने की अवधि 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक निर्धारित की गई है। इसके उपरांत दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण एवं सूचना चरण 14 जुलाई 2026 से 11 सितंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा तथा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान ट्रेनिंग नोडल अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी सदर जितेंद्र वर्मा द्वारा निर्वाचन संबंधी समस्त महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रक्रिया, पात्र मतदाताओं के पंजीकरण, नाम संशोधन, विलोपन, स्थानांतरण तथा निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के संबंध में उपस्थित अधिकारियों को व्यावहारिक जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण कार्य को पारदर्शी, समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने हेतु सभी अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण के दौरान फील्ड स्तर पर आने वाली संभावित समस्याओं एवं उनके समाधान पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने सभी अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्ध एवं अद्यतन होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसलिए सभी अधिकारी पूर्ण जिम्मेदारी, निष्पक्षता एवं सजगता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करें।


