रुद्रपुर। (राजतंत्र टाइम्स)यूरिया की कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से क्षेत्रीय महाप्रबंधक सिडकुल और उपजिलाधिकारी रुद्रपुर मनीष सिंह ने शनिवार को टीम के साथ सिडकुल स्थित प्लाईवुड फैक्ट्रियों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने फैक्ट्रियों में मौजूद भंडार का सत्यापन किया तथा प्रयोग की जा रही टेक्निकल ग्रेड यूरिया के क्रय बिलों और स्टॉक का मिलान किया।

निरीक्षण के दौरान भविष्य में प्लाई वुड फैक्ट्रियों के प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कृषि मे प्रयोग के लिए भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही यूरिया का उपयोग यदि किसी औधोगिक इकाई द्वारा किया गया तो उसके विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।किसानों के लिए कृषि उपज बढ़ाने के लिए भारत सरकार द्वारा नीम कोटेड यूरिया( 45किलोग्राम वजन के एक वैग का विक्रय मूल्य रूपए 266.50/वैग हैं)अनुदान पर उपलब्ध कराई जाती हैं।

जबकि औधोगिक इकाइयों में प्रयोग के लिए गैर अनुदानित टेक्निकल ग्रेड यूरिया ( 50 किलोग्राम के एक वैग का बाजार मूल्य रूपए 3500/ वैग हैं )बाजार में उपलब्ध हैं। जनपद के किसानों से अनुरोध हैं कि यदि वह कहीं भी अनुदानित यूरिया का अन्य किसी औधोगिक इकाई में प्रयोग होते हुए देखते हैं तो तत्काल कृषि विभाग या स्थानीय पुलिस को सूचित करे।जिससे सम्बन्धित के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जा सके। टीम में डॉक्टर विकेश कुमार सिंह यादव, मुख्य कृषि अधिकारी उधम सिंह नगर आदि मौजूद थे।


