रुद्रपुर । (सू. ब्यूरो)।(राजतंत्र टाइम्स)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार की मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना ऐसे युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है, जो अपने हुनर और मेहनत के बल पर स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर रोजगार के नए अवसर सृजित करना चाहते हैं। इसी का एक प्रेरणादायक उदाहरण रुद्रपुर विकासखंड के ट्रांजिट कैम्प निवासी अमृता राय हैं, जिन्होंने अपने कौशल, आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति से सफलता की नई राह बनाई है।अमृता राय ने इंटरमीडिएट की शिक्षा पूरी करने के बाद देहरादून से फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली में इंटर्नशिप के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने फैशन और वस्त्रों से जुड़े कार्यों की बारीकियों को समझा तथा अपने हुनर को निखारा। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अमृता ने नौकरी तक सीमित रहने के बजाय अपने गृह क्षेत्र लौटकर स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया। उनका उद्देश्य अपने कौशल को आजीविका का साधन बनाने के साथ-साथ परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त करना भी था।स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए अमृता ने जिला उद्योग केंद्र से संपर्क कर मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की जानकारी प्राप्त की। विभागीय अधिकारियों ने उन्हें योजना की प्रक्रिया, ऋण संबंधी औपचारिकताओं और आवेदन से जुड़ी आवश्यकताओं के बारे में मार्गदर्शन दिया। अधिकारियों के सहयोग से उन्होंने आवेदन प्रक्रिया पूरी की और योजना के अंतर्गत 4 लाख का ऋण प्राप्त किया, जिसमें 60 हजार की सब्सिडी भी मिली। इस आर्थिक सहायता ने उनके व्यवसाय शुरू करने के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।प्राप्त ऋण और अपनी मेहनत के बल पर अमृता राय ने अपने ‘राय वस्त्रालय’ की शुरुआत की। शुरुआत में अपने व्यवसाय को स्थापित करने के लिए उन्होंने पूरे समर्पण के साथ काम किया। धीरे-धीरे उनके प्रयासों को सफलता मिलने लगी और आज उनका वस्त्रालय अच्छी आय का माध्यम बन चुका है। अमृता वर्तमान में अपने व्यवसाय से प्रतिमाह लगभग 50 हजार तक की आय अर्जित कर रही हैं। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़े होकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी मिला है।अमृता की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं है। उन्होंने अपने व्यवसाय के माध्यम से चार अन्य लोगों को भी रोजगार प्रदान किया है। इस प्रकार उनका उद्यम परिवार की आर्थिक उन्नति के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी योगदान दे रहा है। उनका सफर उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने कौशल और प्रतिभा के बावजूद आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण स्वरोजगार शुरू करने में कठिनाई महसूस करते हैं।मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के माध्यम से अमृता राय को मिली आर्थिक सहायता और विभागीय मार्गदर्शन ने उनके सपनों को नई दिशा दी। यह उदाहरण दर्शाता है कि उचित मार्गदर्शन, वित्तीय सहयोग और स्वयं कुछ करने का संकल्प मिलकर सफलता की राह प्रशस्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने की दिशा में संचालित योजनाएं युवाओं को उद्यमिता की ओर प्रेरित करने तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने का माध्यम बन रही हैं।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से अमृता राय ने संवारा अपना भविष्य, बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
