देहरादून। (राजतंत्र टाइम्स) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास परिसर में शहद निकालने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। इस दौरान जानकारी दी गई कि आवास परिसर में इस वर्ष मात्र 45 दिनों की अवधि में 520 किलोग्राम शहद का उत्पादन किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में शहद उत्पादन को बढ़ावा देने की अपार संभावनाएं हैं, विशेषकर पर्वतीय और वन क्षेत्रों में। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन क्षेत्रों में बी-बॉक्स की स्थापना के लिए प्रभावी नीति तैयार की जाए, जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत मधुमक्खी पालन को प्राथमिकता दी जाएगी और इससे जुड़े किसानों एवं उद्यमियों को विशेष सब्सिडी प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में मौन पालन को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने का प्रभावी माध्यम बताया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री आवास परिसर में वर्षभर शहद उत्पादन के लिए उपयुक्त पुष्पीय एवं परागयुक्त पौधों का रोपण किया जाए। साथ ही “थ्री-बी” (बर्ड फ्रेंडली, बी फ्रेंडली, बटरफ्लाई फ्रेंडली) गार्डन के निर्माण की दिशा में कार्य शुरू करने के निर्देश भी दिए। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस और हरेला पर्व जैसे अवसरों पर “थ्री-बी” आधारित पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह की पहलें पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन को स्थायी रूप से बढ़ावा देंगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

