रुद्रपुर।(राजतंत्र टाइम्स)। विधायक शिव अरोरा ने मीडिया में बयान जारी करते बताया कि अतिक्रमण हटाओ अभियान की कार्यवाही 5 अगस्त तय तिथि पर अम्ल मे लायी गयी, जिसमे कुछ लोगो द्वारा तरह तरह की भ्रांतियां व संशय काशीपुर बाईपास निर्माण को लेकर फैलाया जा रहा है उस पर उनके द्वारा स्पष्ट किया गया यह सब कार्य की प्रकिया बजट जारी होने के उपरांत की गयी है, जिसमे आपको बता दे विद्युत विभाग द्वारा ई निविदा 4 फरवरी 2026 को आमंत्रित की गयी जो की सभी तकनिकी औपचारिकता पूरी करते हुए 10 अप्रैल 2026 को विद्युत विभाग द्वारा टेंडर खोलकर मेसर्स परफेक्ट इलेक्ट्रॉनिक्स नाम की एजेंसी को पोल व बिजली की लाइन शिफ्ट करने का ठेका दिया गया, जिसमे विद्युत विभाग द्वारा जहाँ जहाँ रिक्त स्थान था वहा पर पोल लगाने व लाइन खींचने का कार्य किया भी गया मगर अतिक्रमण न हटने की स्थिति मे विद्युत विभाग का कार्य रुका हुआ है।
वही जल संस्थान विभाग द्वारा 25 मार्च 2026 को पानी की पाइप लाइन शिफ्ट करने संबधित ई निविदा आमंत्रित की थी जिसकी सभी प्रकिया पूर्ण करते हुए 5 मई 2026 को तीन ठेकेदारों को 700-700 मीटर के तीन अलग अलग टेंडर के कार्य आदेश जारी किये गये,जिससे कार्य शीघ्र अतिशीघ्र किया जा सके इसमें मैसेस कृष्णा ट्रेडर्स, मेसेर्स मुकेश कुमार कॉन्ट्रेक्टर, मैसेस जियाउदीन कॉन्ट्रेक्टर को ठेका दिया गया, मगर अतिक्रमण न हटने की दिशा मे जल संस्थान का कार्य प्रारम्भ नहीं हो सका।
विधायक शिव अरोरा ने जानकारी दी 23 जून 2026 को 13.72 करोड़ की धनराशि का शासनादेश जारी हुआ था,तो वही पीडब्लूडी विभाग द्वारा 25 जून 2026 को ई निविदा आमंत्रित कर दी गयी गयी थी।
अब जैसे ही अतिक्रमण हटने का कार्य पूर्ण होता है विद्युत विभाग, जल संस्थान व पीडब्लूडी विभाग द्वारा अपना अपना कार्य आरम्भ कर दिया जायेगा।
उन्होंने बताया वही लोक निर्माण विभाग द्वारा काशीपुर बायपास व्यापारियों को पूर्व मे नोटिस बांटे गए थे जो अतिक्रमण के दायरे मे आ रहे थे वही चार दिन पूर्व मुनादी के माध्यम से 4 अगस्त तक अपना अतिक्रमण स्वयं हटाने का अवसर सभी दिया गया था।
तो आज 5 अगस्त को जिला प्रशासन के सहयोग से काशीपुर बाईपास मार्ग पर अतिक्रमण अभियान चलाया गया।
वही जो कहा जा रहा है बिना कोई बजट जारी हुई यह सब कार्यवाही की जा रही है यह पूर्ण रूप से गलत है सभी विभागों को बजट जारी होने के बाद टेंडर प्रकिया से लेकर सभी आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के बाद अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया जिस विभाग अपने कार्य को जल्द से जल्द आरम्भ कर सके।


