चम्पावत। (राजतंत्र टाइम्स) जिलाधिकारी मनीष कुमार द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत किराए के भवनों में संचालित हो रहे आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए स्थायी विभागीय भवन निर्माण कार्य में तेजी लाने के उद्देश्य से जनपद के समस्त तहसीलदारों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने निर्देशित किया है कि जिन आंगनवाड़ी केंद्रों के पास अभी तक विभागीय भूमि उपलब्ध नहीं है, उनके लिए प्राथमिकता के आधार पर उपयुक्त भूमि का चयन करते हुए विभाग को उपलब्ध कराया जाए, ताकि भवन निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सके।
जनपद में वर्तमान में किराए के भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों के सापेक्ष 160 केंद्रों पर भवन निर्माण की कार्यवाही गतिमान है। इन केंद्रों के लिए भूमि उपलब्ध होने के उपरांत निर्माण कार्य विभिन्न चरणों में संचालित किया जा रहा है। वहीं शेष 116 आंगनवाड़ी केंद्रों हेतु भूमि चिन्हांकन एवं उपलब्ध कराने की कार्यवाही को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा संबंधित तहसीलदारों को दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में इन केंद्रों का अपने विभागीय भवनों में संचालित होना आवश्यक है, जिससे बच्चों एवं महिलाओं को बेहतर वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि चयन की प्रक्रिया में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा आपसी समन्वय स्थापित करते हुए शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि सभी आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए स्थायी भवन निर्माण का लक्ष्य समयबद्ध रूप से पूरा किया जा सके।


