बल्क वेस्ट जनरेटरों को अपने स्तर पर करना होगा कूड़े का निस्तारणः विकास शर्मा

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  • महापौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिये गये अहम निर्णय
  • ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के पालन को लेकर होटल, हॉस्पिटल, स्कूल व सोसायटी संचालकों को कड़े निर्देश

रुद्रपुर।(राजतंत्र टाइम्स)। स्वच्छ और सुंदर रुद्रपुर के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से नगर निगम सभागार में सोमवार को महापौर विकास शर्मा की अध्यक्षता में बल्क वेस्ट जनरेटरों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर आयुक्त शिप्रा जोशी पाण्डेय की उपस्थिति में शहर के प्रमुख होटलों, अस्पतालों, स्कूलों, गेट बंद सोसायटियों, पीजी संचालकों सहित विभिन्न सरकारी एवं निजी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।

बैठक में उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के क्रम में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत बल्क वेस्ट जनरेटरों की जिम्मेदारियों, कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण और चार बिन सेग्रीगेशन व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

इस दौरान बताया गया कि प्रतिदिन 100 किलो या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले, प्रतिदिन 40 हजार लीटर पानी का उपयोग करने वाले अथवा 20 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले संस्थान बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में आते हैं। ऐसे संस्थानों को नियमों के तहत अपने परिसर में ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था करनी होगी।

बैठक में संस्थानों को गीले कूड़े के निस्तारण के लिए कंपोस्टिंग मशीन अथवा कंपोस्ट पिट के माध्यम से खाद बनाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही चार अलग-अलग डस्टबिन के माध्यम से कूड़े को स्रोत पर ही अलग-अलग करने की व्यवस्था अपनाने पर जोर दिया गया।

इस अवसर पर महापौर विकास शर्मा ने कहा कि रुद्रपुर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित शहर बनाना केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक और संस्थान की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में नगर निगम रुद्रपुर स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।

महापौर ने कहा कि शहर में बड़ी मात्रा में कूड़ा उत्पन्न करने वाले संस्थानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। यदि होटल, अस्पताल, स्कूल, सोसायटी और अन्य बड़े संस्थान अपने स्तर पर कचरे का सही प्रबंधन करें तो शहर की स्वच्छता व्यवस्था में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा। गीले कूड़े को समस्या नहीं बल्कि संसाधन के रूप में देखने की आवश्यकता है, क्योंकि इसी कूड़े से खाद तैयार कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य सिर्फ नियम लागू करना नहीं है, बल्कि लोगों को जागरूक कर स्वच्छता को जन आंदोलन बनाना है। शुरुआत में सभी संस्थानों को जागरूक किया जा रहा है, लेकिन भविष्य में नियमों का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने सभी बल्क वेस्ट जनरेटरों से अपील की कि वे समय से अपना पंजीकरण कराएं और स्वच्छ रुद्रपुर अभियान में सहभागी बनें।

बैठक में स्वच्छ भारत मिशन की प्रोजेक्ट हेड राजू नबियाल द्वारा उपस्थित संस्थानों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के पोर्टल swm.cpcb.gov.in/register पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने की जानकारी दी गई। उन्होंने कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया और नियमों के अनुपालन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा कीं।

नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि रुद्रपुर नगर निगम क्षेत्र में अब तक 234 बल्क वेस्ट जनरेटरों को चिन्हित किया जा चुका है। शेष संस्थानों के सर्वे एवं चिन्हीकरण के लिए नगर निगम द्वारा चार टीमों का गठन किया गया है, जो क्षेत्र में सर्वे कार्य करेंगी। महापौर ने कहा कि स्वच्छता की दिशा में उठाया गया हर छोटा कदम आने वाली पीढ़ियों को बेहतर पर्यावरण देने में सहायक साबित होगा और नगर निगम रुद्रपुर जनसहयोग से स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।

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