- रिवर्स पलायन की प्रेरक कहानी: गांव लौटे दिनेश सिंह चौधरी ने ट्राउट फार्मिंग से बदली किस्मत
- सरकारी योजना का मिला सहारा, ट्राउट मत्स्य पालन से आत्मनिर्भर बने रुद्रप्रयाग के युवा
- धामी सरकार की योजनाओं का असर, ट्राउट हैचरी से सफलता की नई मिसाल बने दिनेश सिंह चौधरी
रुद्रप्रयाग। (राजतंत्र टाइम्स)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में संचालित स्वरोजगार योजनाएं ग्रामीण युवाओं के लिए नई उम्मीद बन रही हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर किसान और युवा न केवल आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि गांवों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर रहे हैं। इसका प्रेरक उदाहरण रुद्रप्रयाग जनपद के लदोली गांव निवासी दिनेश सिंह चौधरी हैं, जिन्होंने ट्राउट मत्स्य पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
वर्ष 2021 में शहर की जिंदगी छोड़कर गांव लौटे दिनेश सिंह चौधरी ने ट्राउट मत्स्य पालन को स्वरोजगार के रूप में अपनाया। आज वे ट्राउट मछली का उत्पादन करने के साथ-साथ अपनी हैचरी में ट्राउट की ब्रीडिंग भी कर रहे हैं। उन्होंने अपनी मत्स्य पालन इकाई में 60 प्रतिशत निवेश स्वयं किया, जबकि शेष 40 प्रतिशत वित्तीय सहायता मत्स्य विभाग ने सरकारी योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध कराई।
जिला प्रभारी मत्स्य विभाग मंजू भाकुनी ने बताया कि दिनेश सिंह चौधरी को प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत सहायता प्रदान की गई थी। विभाग समय-समय पर किसानों और युवाओं को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण तथा वित्तीय सहायता उपलब्ध कराता है, ताकि अधिक से अधिक लोग मत्स्य पालन से जुड़कर अपनी आय बढ़ा सकें।
वर्तमान में दिनेश सिंह चौधरी ट्राउट मत्स्य पालन से प्रतिवर्ष लगभग 4 से 5 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजनाओं का प्रभावी उपयोग और मेहनत के दम पर गांव में रहकर भी सम्मानजनक आय अर्जित की जा सकती है। उनकी उपलब्धि अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।


