देहरादून। (राजतंत्र टाइम्स)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून के कुआंवाला स्थित यूथ फाउंडेशन ट्रेनिंग एरिया में आयोजित ‘युवा अग्निवीर संवाद’ कार्यक्रम में अग्निवीरों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनेगा, जहां सेवामुक्त अग्निवीरों के भविष्य को संवारने के लिए विशेष ‘अग्निवीर सेल’ की स्थापना की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पर्यटन विभाग की होमस्टे योजना के तहत पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को होमस्टे स्थापित करने के लिए विशेष अनुदान दिया जाएगा। सीमावर्ती गांवों में स्वरोजगार से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए भी विशेष सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए समर्पित सेल बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अग्निवीरों को पुलिस, वन विभाग और आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा में छूट और भर्ती प्रक्रियाओं में प्राथमिकता देने की व्यवस्था की है।
उन्होंने कहा कि अग्निवीर बनना केवल नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का सर्वोच्च अवसर है। सेना में बिताए गए चार वर्ष युवाओं के पूरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होंगे और सरकार उनके सम्मानजनक भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि शहीद परिवारों की अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजन, सरकारी नौकरियों के आवेदन की समय-सीमा 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष करने और वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों के सम्मान में भी वृद्धि की गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पारदर्शी भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसके परिणामस्वरूप पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।
कार्यक्रम में विधायक बृजभूषण गैरोला, यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कौठियाल, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) गुलाब सिंह रावत, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल सहित अनेक अधिकारी एवं पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।


