जिला प्रशासन की निगरानी में मदिरा दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ सम्पन्न की गई
रूद्रपुर न्यूज़ (राजतंत्र टाइम्स) ऊधम सिंह नगर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशन में, प्रभारी अधिकारी एवं उप जिलाधिकारी गौरव पाण्डेय की अध्यक्षता में जिला सभागार में मदिरा दुकानों का आवंटन लॉटरी पद्धति के माध्यम से किया गया।
इस प्रक्रिया में कुल 43 दुकानों का आवंटन किया गया, जिनमें 24 देशी और 19 विदेशी मदिरा की दुकानें शामिल रहीं। बताया गया कि इन दुकानों के लिए कुल 257 आवेदन प्राप्त हुए, जो इस प्रक्रिया में लोगों की भारी रुचि को दर्शाता है।आपको बता दें कि जनपद में कुल 152 मदिरा दुकानों में से पहले ही 132 दुकानों का नवीनीकरण किया जा चुका था, जबकि शेष 20 पुरानी और 23 नई दुकानों का आवंटन इस लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया।
वहीं कुछ विदेशी मदिरा दुकानों पर एक-एक आवेदन प्राप्त होने के कारण उन्हें सीधे आवंटित किया गया। इनमें टनकपुर रोड ,खटीमा,सिसैया,सितारगंज, छोई रोड,धीमरखेड़ा,पिपलिया ,धौराडाम रोड, नादेही और ,सुनपहर जैसी दुकानों का आवंटन संबंधित आवेदकों को किया गया।
वहीं, जिन दुकानों पर एक से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, वहां लॉटरी प्रक्रिया अपनाई गई।
जैसे किच्छा रोड सितारगंज दुकान के लिए 3 आवेदन आए, जिसमें लॉटरी के जरिए नवजोत सिंह को आवंटन मिला।
चैती चौहरा दुकान के लिए 26 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें अर्जुन सिंह खोलिया को चयनित किया गया।रामराज रोड मंडी गेट बाजपुर के लिए सबसे अधिक 62 आवेदन प्राप्त हुए, जहां प्रकाश चंद्र पाण्डे को लॉटरी के माध्यम से दुकान आवंटित हुई।
देशी मदिरा दुकानों का आवंटन
देशी मदिरा दुकानों में भी कई स्थानों पर एकल आवेदन होने के कारण सीधे आवंटन किया गया।
सितारगंज, पुरनापुर, भगवंतपुर, धीमरखेड़ा, हल्दुआ, पटिया कौधा, प्रतापपुर रोड, सुनपहर और बगियाघाट जैसी दुकानों का आवंटन संबंधित आवेदकों को किया गया।वहीं, जिन दुकानों पर अधिक आवेदन प्राप्त हुए, वहां भी पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया अपनाई गई।मलसागिरधरपुर में 30 आवेदन आए, जहां लोकेश कुमार सक्सेना को चयनित किया गया।छिनकी किच्छा में 17 आवेदन प्राप्त हुए, जहां रामअयोध्या को आवंटन मिला।अनाज मंडी काशीपुर में 10 आवेदन आए, जहां रूपेश कुमार को दुकान मिली।इस पूरी प्रक्रिया जिला प्रशासन की निगरानी में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न कराई गई।इस दौरान प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी महेन्द्र बिष्ट, संबंधित अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में आवेदनकर्ता उपस्थित रहे।जिला प्रशासन द्वारा अपनाई गई लॉटरी प्रणाली से यह सुनिश्चित किया गया कि आवंटन प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और विवाद रहित रहे।

